असम विधानसभा चुनाव 2026: असम की जोरहट सीट इस बार सियासत का मुख्य का केंद्र बन गई है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। जोरहट सीट से भाजपा और कांग्रेस दोनो राजनीतिक दलों के सियासी दिग्गज चुनाव मैदान में है। कांग्रेस के गौरव गोगोई का मुकाबला भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी से है। गोगोई सांसद हैं और पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं भाजपा के दिग्गज नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी पांच बार इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं और वे छठी बार इस सीट से जीत हासिल करने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं।
गौरव गोगोई बनाम हितेंद्र नाथ
गौरव गोगोई जहां पहली बार विधानसभा चुनाव के सियासी रण में उतरे हैं तो वहीं हितेंद्र नाथ गोस्वामी की जोरहट में मजबूत पकड़ मानी जाती है। एक तरफ गौरव गोगोई इस बार के चुनाव को असम को बचाने का चुनाव बता रहे हैं। तो वहीं बीजेपी के हितेंद्र नाथ कह रहे है कि गौरव गौगोई ने सांसद रहते हुए इस क्षेत्र का कोई विकास नहीं करवाया। अब देखना दिलचस्प होगा कि जोरहाट की जनता किसके पक्ष में वोट देकर उसे विजयी बनाती है। बता दें कि असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान नौ अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती चार मई को होगी।
पिता की विरासत बचा पाएंगे गौरव गोगोई
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और राज्य में पार्टी और छह-दलीय गठबंधन का नेतृत्व भी कर रहे हैं। विपक्षी दल उन्हें सीएम पद का चेहरा भी मान रही है और इसी वजह से उन्हें विधानसभा चुनाव में जोरहट सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया है। 43 वर्षीय गौरव गोगोई अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए जोरहट की जनता का आह्वान कर रहे हैं जिनका जोरहाट से गहरा जुड़ाव रहा है। जोरहट सीट को जीतना कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
छठी बार जोरहट जीत पाएंगे हितेंद्र
बीजेपी के दिग्गज नेता हितेंद्र नाथ गोस्वामी जोरहट सीट से साल 1991 से लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं और 2016 और 2021 में बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल कर चुके हैं। भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने अपनी साफ-सुथरी छवि और क्षेत्र में विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाया है। हितेंद्र नाथ का कहना है कि गौरव मेरे विरोधी नहीं, बल्कि भाई जैसे हैं। लेकिन सांसद के तौर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।